FrameWork क्या है? What is Framework in Hindi

यदि आप एक डेवलपर है तो आपने फ्रेमवर्क के बारे में जरूर सुना होगा. आपमें से कई लोगो ने यूज़ भी किया होगा आज मैं आपको फ्रेमवर्क के बारे में जानकारी दूंगा। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको फ्रेमवर्क से जुडी एक अच्छे स्तर की जानकारी हो जाएगी। आज की पोस्ट में हम जानेंगे कि Framework kya hai? (What is FrameWork in Hindi), हम इसका उपयोग क्यों करते हैं, अच्छे फ्रेमवर्क में क्या क्या फीचर होने चाहिए, कितने प्रकार के फ्रेमवर्क होते है (Types of FrameWork in Hindi) आदि.

Framework (फ्रेमवर्क) क्या है? (What is Framework in Hindi)

फ्रेमवर्क एक प्लेटफॉर्म है जो आसानी से सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन को बनाने के लिए एक जगह प्रदान करता है. इसको आप एक टेम्पलेट की तरह समझ सकते हो जिसमे एक Structure बना होता है कोई भी व्यक्ति अपनी जरुरतानुसार चीजों को जोड़ और हटा सकता है जिसमे आपकी मदद एक पैकेज में मौजूद लाइब्रेरी, Ready-Made Components, इमेज, फाइल और अन्य डॉक्यूमेंट करते है. 

यहाँ तक आप इस पैकेज को भी अपने प्रोजेक्ट के जरूरतानुसार modify और यूज़ कर सकते है एक फ्रेमवर्क की मदद से आप अपनी एप्लीकेशन को कोई भी Functionality और फीचर दे सकते हो.

एक फ्रेमवर्क का उद्देश्य कम Functionality के साथ strong डेवलपमेंट करने में मदद करना है, ताकि डेवलपर्स उन चीजों पर फोकस कर सकें जो प्रोजेक्ट को यूनिक बनाते हैं. हाई क्वालिटी, बनी बनाई Functionality, तेज सॉफ्टवेयर के होने से सॉफ़्टवेयर के प्रति क्लाइंट का भरोसा बढ़ाता है. आर्गेनाइजेशन और डेवेलपर्स फ्रेमवर्क का यूज़ समय और पैसा बचाने के लिए करते है.

हम फ्रेमवर्क का उपयोग क्यों करते हैं? (Why we use framework)

सॉफ्टवेयर को डेवेलप करना एक बहुत कठिन काम है जिसमे एक-एक पॉइंट पर बारीकी से ध्यान रखना होता है इसमें प्लानिंग, कोडिंग, डिजाइनिंग, टेस्टिंग, मेंटिनेंस, delivery जैसे कई लेवल होते है. इनमे सबसे कठिन पार्ट कोडिंग माना जाता है. जिसमे आपको फ्रंट एन्ड डेवलपमेंट से लेकर बैकेंड डेवलपमेंट और उसमे भी सिंटेक्स, स्टेटमेंट, क्लास, इंटरफ़ेस, डेटाबेस कनेक्टिविटी, पेमेंट मेथड कनेक्टिविटी जैसे कई काम करने होते है जिसमे आपको औसतन 3-4 महीने तक लग सकते है.

सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क, डेवेलपर्स के इस काम को आसान कर देते है ये काम को जल्द खत्म करने में मदद करते है और वो भी पूरी Accuracy, Integrity, और सिक्योरिटी के साथ.

लेकिन कैसे? चलिए जानते है -->

फ्रेमवर्क के फायदे (Advantages Of Using A Software Framework)

  1. फ्रेमवर्क  को यूज़ करने के कई सारे फायदे होते है जिनमे से मैं आपको कुछ बताता हु.
  2. इसमें कोडिंग सिक्योर होती है.
  3. डुप्लीकेट और फालतू के कोड से बचा जा सकता है.
  4. NonStop कोडिंग को सपोर्ट करता है.
  5. बग को कम से कम करता है.
  6. फ्रेमवर्क की मदद से आप कॉम्प्लेक्स चीजों पर बहुत समय खर्च किए बिना काम कर सकते हो.
  7. किसी भी तरह की टेक्नोलॉजी पर काम करना आसान बनाता है.
  8. कोई भी फ्रेमवर्क को बना सकता है या ओपन सोर्स फ्रेमवर्क में जरुरी सुधार को कर सकता है जिससे फ्रेमवर्क समय से इम्प्रूव होते रहते है.
  9. इसमें कई सारे कोड और Functionality बने बनाये मिल जाते है जो सिक्योर और प्री-टेस्टेड होते है जो फ्रेमवर्क को भरोसेमंद बनाते है.
  10. Testing और Debugging करना डेवलपर के जीवन का बहुत जरुरी पार्ट होता है जो आप फ्रेमवर्क में आसानी से कर सकते हो.
  11. एप्लीकेशन को डेवेलप करने का टाइम और पैसा कम हो जाता है.

फ्रेमवर्क के फीचर (Features Of A Good Framework)

आज मार्किट में कई सारे फ्रेमवर्क मौजूद है. उनमे से कई डेवलपर को बहुत पसंद आते है और कई को बहुत कम लोग यूज़ करते है. जो एक लम्बे समय से फ्रेमवर्क को यूज़ कर रहे है उन्हें तो समय के साथ जानकारी हो जाती है कि उनके लिए बेस्ट कौन सा है लेकिन नए डेवलपर के साथ एक प्रॉब्लम हमेशा आती है वो फ्रेमवर्कस के बीच में हमेशा कंफ्यूज रहते है कि वो अपने लिए बेस्ट कैसे चुने? मैं आपको कुछ पॉइंट्स बताने जा रहा हु जिससे आप अपने लिए बेस्ट फ्रेमवर्क को चुनने में मदद मिलेगी.

किसी भी फ्रेमवर्क में निम्न क्वालिटी जरूर होनी चाहिए -->

Functionality – ऐसा फ्रेमवर्क को चुने जिसमे आप अपने प्रोजेक्ट को डेवेलप कर सकते है प्रोजेक्ट से रिलेटेड जरुरी रिसोर्स उसमे मौजूद हो.

Simple UI -- उसका इंटरफ़ेस यूजर फ्रेंडली, सिंपल और गुड-लुकिंग होना चाहिए.

Updating As Per Time -- ऐसे ऐसा फ्रेमवर्क को चुने जो समय के अनुसार अपनी Functionality को अपडेट कर रहा हो.

वो डॉक्यूमेंटेशन, प्लगइन और लाइब्रेरी को सपोर्ट करता हो. क्युकी डॉक्यूमेंटेशन की हेल्प से आप किसी भी फ्रेमवर्क की फंक्शनलिटी को समझ सकते हो और इम्प्लीमेंट सकते हो.

वो छोटे से बड़े सभी प्रोजेक्ट को सपोर्ट करता हो.

Active Community-- उसका यूजर बेस बड़ा होना चाहिए क्युकि यदि आप किसी भी पॉइंट पर फ्रेमवर्क को यूज़ नहीं कर पर रहे हो तो आप इंटरनेट पर कम्युनिटी से हेल्प मांग सकते हो और अपना काम कर सकते हो. जैसे stackoverflow.com🔗

types-of-framework-in-hindi

फ्रेमवर्क के प्रकार (Types of Programming language Frameworks)

मार्किट में कई फ्रेमवर्क मौजूद है जो अलग अलग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सपोर्ट करते है और अलग अलग लैंग्वेज का यूज़ करके बनाये गए है जो अपने फंक्शन खुद बनाते है चाहे वो वेब हो, डेटाबेस हो भी या फिर मोबाइल app. चलिए जानते है कितने टाइप के फ्रेमवर्क होते है और आप उनका यूज़ किस तरह के प्रोजेक्ट बनाने में कर सकते है

Web application frameworks

Web application frameworks जिन्हे सॉर्ट में WAF और WF के नाम से भी जानते है  जो वेब एप्लीकेशन के डेवलपमेंट को सपोर्ट करता है मतलब आप सिर्फ वेब पर यूज़ की जाने वाली एप्लीकेशन को इन फ्रेमवर्क की मदद से बना सकते है जिसमे आपकी मदद web APIs, web resources, और web services करते है. front-end और back-end के लिए अलग-अलग Web application frameworks मौजूद है

Front-End Frameworks

Front-end frameworks का मतलब है ऐसे फ्रेमवर्क जो client-side पर वर्क करते है जो बेसिक टेम्पलेट और HTML, CSS, and JavaScript के कंपोनेंट्स को प्रोवाइड करते है जिनकी हेल्प से आप website or web app बना सकते है. Front-end framework जैसे: Bootstrap, Angular, React JS, Vue JS आदि

Angular: ये एक open source फ्रेमवर्क है जिसे TypeScript की हेल्प से बनाया गया है और इसे Google मैनेज किया जाता है.

Bootstrap एक बहुत पॉपुलर CSS Framework है जिसका यूज़ ब्यूटीफुल, responsive और mobile-first websites को बनाने में किया जाता है.

React एक फ्री और open-source front-end फ्रेमवर्क है जो JavaScript पर बेस्ड है जिसमे UI components की हेल्प से आप सुन्दर user interfaces बना सकते हो.

Vue.js एक ओपन सोर्स JavaScript framework है जिसका यूज़ user interfaces और single-page applications बनाने में किया जाता है

Back-End Frameworks

Back-end frameworks का मतलब है ऐसे फ्रेमवर्क जो server-side पर वर्क करते है और जो strong functionality प्रोवाइड करते है जिन्हे जरुरतनुसार मजबूत एप्लीकेशन बनाने के लिए चेंज और अपडेट किया जा सकता है 

बैकेंड की लैंग्वेज फ्रेमवर्क पर निर्भर करती है कि वो किसको सपोर्ट करता है. यदि आप किसी स्पेसिफिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का यूज़ करना चाहते तो आप स्वतंत्र रूप से कर सकते हो. प्रत्येक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के लिए ढेरो फ्रेमवर्क उपस्थित है जैसे: JAVA के लिए Spring, Hibernate, GWT, Struts, Vaadin आदि. 

Python के लिए Django, Web2Py, Flask, Bottle, CherryPy आदि.

PHP के लिए Laravel, CodeIgniter, CakePHP आदि.

JavaScript के लिए Next, Express, Node.js, Ruby on Rails आदि.

Django: ये एक open source फ्रेमवर्क है जिसे Python की हेल्प से बनाया गया है .

.Net ये Microsoft का एक फ्रेमवर्क है जिसे बहुत ज्यादा यूज़ किया जाता है.

Ruby on Rails: ये एक open source फ्रेमवर्क है जिसे  Ruby प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की हेल्प से बनाया गया है.

इनके अलावा भी कई फ्रेमवर्क मौजूद है लेकिन ये उपर्युक्त डेवेलपर्स द्वारा ज्यादा यूज़ किये जाते है.

Mobile App Development Frameworks

Mobile development framework मोबाइल एप्लीकेशन के डेवलपमेंट को सपोर्ट करते है जो इनके प्लेटफॉर्म के हिसाब से अलग अलग हो सकता है. जैसे native , hybrid या फिर क्रॉस प्लेटफॉर्म. Mobile framework जैसे: React Native, Apache Cordova,  Flutter, Xamarin, Swiftic, Ionic, jQuery Mobile आदि है.

Content Management Frameworks

Content Management System को शार्ट में CMS नाम से भी जानते है ये फ्रेमवर्क ऐसे सॉफ्टवेयर बनाने में मदद करते है. जिनकी मदद से हम statistics, blog posts, eBooks, mobile apps को बनाना, डिलीवर, organize और मॉडिफाई करना जैसी कई चीजे कर सकते है. इनको आप अपनी जरुरतनुसार चुन सकते है.

जो इनकी लैंग्वेज, प्राइस, सिक्योरिटी और SEO पर निर्भर करते है. आज मार्किट में कई CMS फ्रेमवर्क मौजूद है जिनमे से कुछ WordPress, Drupal, Joomla, Kentico आदि है.

Data Science Frameworks

Data science एक बहुत बड़ी फील्ड है. जिसमे प्रत्येक काम के लिए अलग फ्रेमवर्क यूज़ हो रहा है क्युकी हर काम अपने आप में बहुत बड़ा है जैसे statistics, scientific methods, algorithms, डाटा की analysis करना आदि कई काम होते है artificial intelligence, machine learning और Deep learning के काम अनुसार भी फ्रेमवर्क बटें होते है..

लेकिन Data Science का ज्यादातर भाग python पर निर्भर करता है इसलिए python के कई फ्रेमवर्क यहाँ काम करते है जैसे TensorFlow, PyTorch, Apache Spark, और NumPy आदि.

सबसे ज्यादा कौन सा फ्रेमवर्क यूज़ होता है (Which framework is used the most)

Stack Overflow हर वर्ष एक डेवलपर सर्वे करती है जिसमे वो डेवलपर से जानती है कि वो किस लैंग्वेज,फ्रेमवर्क, IDE,टूल्स आदि का यूज़ कर रहे है इस सर्वे के फ्रेमवर्क पर बेस्ड कुछ आंकड़े ये रहे -->

React.js                             40.14%

jQuery                               34.42%

.NET Framework             34.2%

Express                             23.82%

Angular                             22.96%

Vue.js                                18.97%

Django                              14.99%

Laravel                              10.12%

Conclusion

आज हमने जाना कि Framework kya hai? (What is FrameWork in Hindi), हम इसका उपयोग क्यों करते हैं, कितने प्रकार के फ्रेमवर्क होते है (Types of FrameWork in Hindi) आदि इस पोस्ट का उद्देश्य आपको फ्रेमवर्क के बारे में बेसिक स्तर की जानकारी देना था। आगे इन फ्रेमवर्क पर अलग से डिटेल पोस्ट आएगी.

यदि आपको ये पोस्ट पसंद आयी है तो इसे शेयर करना न भूले.

मेरा नाम रोहित शुक्ला है. मैं एक Blogger, Affiliate marketer और HindiWorld.net का फाउंडर हु. इस ब्लॉग में मैं प्रोग्रामिंग भाषा (C, C++, Java, Python, Javascript etc.) से रिलेटेड जानकारी हिंदी भाषा में शेयर करता हूँ.

1 thought on “FrameWork क्या है? What is Framework in Hindi”

  1. Apki post bahut hi rochak hai. Mai generally blogging sikhne ke purpose se aata hu lekin itne achhe article par padne se rok nhi pata hu. Aap Bluehost air cloudflare ek sath use kaise kare pls is topic par ek article likhe. Thanks sir

    Reply

Leave a Comment